न्यूयार्क (28 सितंबर 25)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक शासन में सुधार के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताते हुए कड़ी आलोचना की और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया।
एस. जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद को पनाह देता है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकाने औद्योगिक पैमाने पर संचालित हो रहे हैं, आतंकवादियों की सार्वजनिक प्रशंसा होती है और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना अनिवार्य है।' उन्होंने आतंकवाद को वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को तेज़ करना होगा। जयशंकर ने कहा कि जब भारत अपने अधिकारों का दृढ़ता से समर्थन करता है, तो उसे खतरों का सामना भी साहस के साथ करना पड़ता है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई उसकी विदेश नीति की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए विश्व समुदाय के साथ मिलकर काम करेंगे और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में यह भी कहा कि 'भारत टैरिफ अस्थिरता और अनिश्चित बाजार पहुंच की समस्या का सामना कर रहा है,' जो खासकर अमेरिका की टैरिफ नीतियों के कारण बढ़ी है। उन्होंने वैश्विक व्यापार में संतुलन और न्यायसंगत व्यापार नियमों की वकालत की।
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