वाशिंगटन (04 अप्रैल 26)। अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। रायन बोडेनहाइमर जो पूर्व अमेरिकी फाइटर पायलट रह चुके हैं, ने ईरान पर जमीनी हमले को 'अच्छा प्लान नहीं' बताया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जैसे पिछले युद्धों से साफ हो चुका है कि किसी देश पर कब्जा करने की कोशिश लंबे समय तक चलने वाला और भारी नुकसान देने वाला कदम होता है। उनके मुताबिक, ईरान जैसे बड़े और ताकतवर देश पर हमला करना और भी मुश्किल होगा।
बोडेनहाइमर ने बताया कि ईरान में करीब 2 लाख Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के सैनिक हैं, और अगर अमेरिका हमला करता है तो उसे 10 से 20 लाख तक सैनिक तैनात करने पड़ सकते हैं, जो व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका को बड़े स्तर पर सेना भेजने के बजाय 'हाई-टेक' रणनीति अपनानी चाहिए। इसमें स्पेशल फोर्स, सीमित हमले और तकनीकी ऑपरेशन शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz को नियंत्रित करना ज्यादा प्रभावी रणनीति हो सकती है, क्योंकि यह दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। बोडेनहाइमर ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के अंदर मौजूद विरोधी ताकतों को समर्थन देकर बदलाव ला सकता है, बजाय सीधे युद्ध में उतरने के। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि 'युद्ध हमेशा बुरा होता है' और इसे जितना हो सके टालना चाहिए। उनके अनुसार, अगर संघर्ष हो भी, तो उसे कम से कम नुकसान के साथ और समझदारी से लड़ा जाना चाहिए।