फ्लोरिडा (29 जुलाई 26)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक के सात प्रांतों में ईरान समर्थित ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 20 लड़ाकों के मारे जाने और 32 के घायल होने का दावा किया गया है। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। वहीं जॉर्डन की सेना ने कहा कि देश की हवाई रक्षा प्रणाली ने बुधवार तड़के ईरान से दागी गईं पांच मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया। यह घटना अमेरिकी सेना द्वारा पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर दागी गईं ईरानी मिसाइलों को निष्क्रिय करने और इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के ठिकानों पर सऊदी अरब के साथ संयुक्त हवाई हमले किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई।
अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त कार्रवाई में इराक के कई प्रांतों में ईरान समर्थित समूहों के हथियार भंडार, रसद केंद्र और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के अनुसार इन हमलों में 20 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य घायल हुए। जॉर्डन की सेना ने कहा कि 'सभी पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया।' इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के हवाले से कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन स्थित मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि उसकी सेनाएं 'पूरी तरह सतर्क और उच्च स्तर की तैयारी' में हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन स्थित मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस और अमेरिकी CENTCOM से जुड़े ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने बुधवार तड़के दागी गई पांचों मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।