मुंबई (04 नवंबर 25)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 जीत लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। हालांकि, जो ट्रॉफी टीम इंडिया को दी गई है, वह असली नहीं बल्कि उसकी रेप्लिका (Dummy Trophy) है, और इसके पीछे है आईसीसी का खास नियम।
आईसीसी ने करीब 26 साल पहले यह नियम बनाया था कि वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को असली ट्रॉफी स्थायी रूप से नहीं दी जाएगी। विजेता टीम को केवल फोटोशूट और जश्न के लिए असली ट्रॉफी दी जाती है, जिसे बाद में आईसीसी के दुबई मुख्यालय में वापस रख दिया जाता है। इसके बाद टीम को उसी जैसी दिखने वाली रेप्लिका ट्रॉफी दी जाती है, जिसमें सोने और चांदी का प्रयोग होता है। यह व्यवस्था ट्रॉफी को चोरी या नुकसान से बचाने के लिए की गई है। इस बार की ट्रॉफी का वजन लगभग 11 किलो है और इसकी ऊंचाई करीब 60 सेंटीमीटर है। इसमें तीन चांदी के कॉलम हैं जो स्टंप और बेल्स के आकार में बने हैं, जबकि ऊपर सोने का ग्लोब लगाया गया है। इस ट्रॉफी पर अब तक के सभी विजेताओं के नाम खुदे हैं और अब पहली बार इसमें भारत का नाम भी शामिल हो गया है। महिला वर्ल्ड कप के अब तक 13 संस्करण हुए हैं- जिनमें ऑस्ट्रेलिया ने 7, इंग्लैंड ने 4, न्यूजीलैंड और अब भारत ने 1-1 बार खिताब जीता है।
नवी मुंबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 246 रन पर ऑल आउट हो गई। शेफाली वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 87 रन बनाए और 2 विकेट लिए, उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दीप्ति शर्मा ने भी 58 रन और 5 विकेट झटके। साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुलवार्ट ने 101 रन की पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सकीं। हरमनप्रीत कौर की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया और महिला क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।