नईदिल्ली (26 दिसंबर 24)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को देश की प्रगति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें कृत्रिम मेधा (एआई) व मशीन लर्निंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल प्रदान करने के लिए भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। वीर बाल दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, राष्ट्र हित से बढ़कर कुछ भी नहीं है। पीएम ने कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलावों और चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत पर जोर दिया और सरकार की 'युवाओं पर केंद्रित' नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'यह युग मशीनों से आगे बढ़कर मशीन लर्निंग तक पहुंच गया है। एआई केंद्र में आ गया है और हम देख सकते हैं कि इसका अनुप्रयोग पारंपरिक सॉफ्टवेयर की जगह ले रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना आवश्यक है।' उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को समर्थन देने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वीर बाल दिवस समारोह में मोदी ने गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों, साहिबजादों के 'अद्वितीय' बलिदान को याद किया, जिन्होंने 'मुगल साम्राज्य के उत्पीड़न के आगे समर्पण करने के बजाय अटूट साहस और विश्वास' को चुना। उन्होंने युवाओं से उनकी विरासत से प्रेरणा लेने का आग्रह करते हुए कहा, '300 साल से भी अधिक पहले, 26 दिसंबर को, साहिबजादों ने अपनी कम आयु के बावजूद अद्वितीय वीरता दिखाकर प्राणों की आहुति दे दी।'