छतरपुर (19 नवंबर 24)। बागेश्वर बाबा के नाम से प्रख्यात धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने हिंदू मंदिरों में दलितों और आदिवासी समुदाय के लोगों को पुजारियों के रूप में जगह देने की वकालत की। उनका कहना है कि यह कदम सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और धर्म की एकता को साकार करने के लिए बेहद जरूरी है। बागेश्वर बाबा ने सभी शंकराचार्यों और आचार्यों से आह्वान किया है कि वे मंदिरों में दलितों और नीची जातियों को भी पुजारी बनाने की व्यवस्था शुरू करें। उनका मानना है कि हिंदू धर्म में कोई भी जाति या वर्ग के लोग पीछे नहीं हैं, और यदि देश में सभी लोग हिंदू हैं, तो सभी को पुजारी बनने का अधिकार मिलना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'हम ये नहीं कह रहे कि कौन पुजारी बने, बल्कि हम यह कह रहे हैं कि इस देश में न तो दलित हैं, न पिछड़े हैं, न बिछड़े हैं। सभी लोग पुजारी हो सकते हैं। जब हम हिंदू धर्म को सभी के लिए समान मान रहे हैं तो फिर कौन दलित बचता है, कौन पिछड़ा बचता है?' उनका मानना है कि अगर सभी लोग हिंदू हैं, तो मंदिरों में पुजारी बनने का हक सबको मिलना चाहिए।