नईदिल्ली (01 जुलाई 24)। नीति आयोग के सदस्य (विज्ञान) डॉ. वी.के. सारस्वत ने नई दिल्ली में सीएसआईआर-सीआरआरआई और पीएचडीसीसीआई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित स्टील स्लैग रोड पर पहले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सड़क निर्माण में प्रसंस्कृत स्टील स्लैग एग्रीगेट के रूप में स्टील स्लैग के उपयोग और प्रसंस्करण के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
इस अवसर पर, डॉ. सारस्वत ने देश में अवसंरचना परियोजनाओं के सतत विकास और इस्पात उद्योगों के औद्योगिक अपशिष्ट यानी स्टील स्लैग के कुशल उपयोग के महत्व पर जोर दिया। डॉ. सारस्वत ने बताया कि स्टील स्लैग का उपयोग करके सड़क नेटवर्क के निर्माण और रखरखाव के लिए इन दिशानिर्देशों को अपनाने से लागत में कमी, पर्यावरणीय प्रभाव में कमी और सड़क प्रदर्शन में सुधार सहित कई लाभ होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-सीआरआरआई स्टील स्लैग रोड प्रौद्योगिकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'वेस्ट टू वेल्थ' के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने सीआरआरआई के निदेशक डॉ. मनोरंजन परिदा और स्टील स्लैग रोड प्रौद्योगिकी के प्रमुख वैज्ञानिक और आविष्कारक सतीश पांडे को इस प्रौद्योगिकी के विकास और पूरे भारत में कार्यान्वयन में उनके असाधारण योगदान के लिए बधाई दी।
इस्पात मंत्रालय के सचिव, आईएएस नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि इस्पात उद्योग अपनी सर्वोत्तम सामग्री के उपयोग पर फलता-फूलता है। उन्होंने कहा कि हम कुछ भी छोड़ना नहीं चाहते, चाहे वह स्क्रैप हो, स्लैग हो या हीट हो। इसी भावना के साथ, इस्पात मंत्रालय ने सड़क निर्माण में नेचुरल एग्रीगेट्स के विकल्प के रूप में स्टील स्लैग के व्यापक स्तर पर उपयोग की सुविधा के लिए सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के लिए एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास परियोजना प्रायोजित की।