लखनऊ (20 अक्टूबर 25)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वार्षिक अयोध्या दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान दीये जलाने संबंधी टिप्प्णी के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह ‘कट्टरपंथियों और जिहादियों' के वोट के मोह में इतने अंधे हो गए हैं कि उन्होंने खुद के समुदाय के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। सत्तारूढ़ दल ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पर मिट्टी के दीये बनाने वाले प्रजापति समुदाय की समृद्धि को बाधित करने की इच्छा रखने का भी आरोप लगाया।
यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया है जब यादव ने अयोध्या के वार्षिक दीपोत्सव समारोह के दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा दीये और मोमबत्तियां जलाने पर किए गए खर्च को लेकर सवाल उठाए थे और सुझाव दिया था कि सरकार को क्रिसमस (ईसाइयों का त्योहार) के दौरान शहरों को रोशन करने के लिए दुनिया भर में की जाने वाली व्यवस्थाओं से सीख लेनी चाहिए। तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के राज्यसभा सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘अखिलेश यादव कट्टरपंथियों और जिहादियों के वोट के मोह में इतने अंधे हो गए हैं कि अब वह अपने ही यादव समुदाय के खिलाफ बोलने लगे हैं और प्रजापति समुदाय से उसकी समृद्धि भी छीनना चाहते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणी विपक्षी गुट ‘इंडिया' की मानसिकता और भारतीय संस्कृति, हिंदू धर्म तथा दीये बनाने वाले प्रजापति समुदाय के प्रति ‘घृणा' को भी दर्शाती है। त्रिवेदी ने कहा, ‘उनकी टिप्पणी ‘इंडी' गठबंधन की मानसिकता से प्रेरित है, जो सनातन धर्म के उन्मूलन का आह्वान करता है, या राहुल गांधी से प्रेरित है जो कहते हैं कि उन्हें हिंदू धर्म की शक्ति के खिलाफ लड़ना है।' यादव की टिप्पणी को ‘निंदनीय' बताते हुए भाजपा नेता ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, ‘यह विदेशी मानसिकता का कैसा प्रभाव है कि वे इसे (दिवाली पर दीये जलाने को) लेकर दोषी महसूस कर रहे हैं? यह दुखद है कि आज ऐसा कलियुग दिखाई दे रहा है।'