अजोरेस (30 जनवरी 26)। युद्ध के मोर्चे से दूर लेकिन रणनीतिक तौर पर अहम अज़ोरेस द्वीपसमूह से अमेरिकी F-35A स्टील्थ फाइटर जेट्स की आवाजाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, यह इलाका सामान्य ट्रांज़िट रूट नहीं माना जाता, ऐसे में इस मूवमेंट को महज़ संयोग कहना मुश्किल है।
यह गतिविधि ऐसे वक्त पर सामने आई है जब ईरान को लेकर क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है। आधिकारिक तौर पर भले ही कूटनीतिक बातचीत जारी होने की बात कही जा रही हो, लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि सहयोगी देशों के बीच सैन्य समन्वय तेज़ हो चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन ने ब्रिटेन, फ्रांस, इज़राइल और अन्य साझेदार देशों के साथ मिलकर संभावित सैन्य लक्ष्यों का एक साझा ढांचा तैयार किया है। इसे औपचारिक हमले की घोषणा नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह दर्शाता है कि विकल्पों पर गंभीरता से काम हो रहा है। स्टील्थ फाइटर जेट्स की तैनाती आमतौर पर संदेश देने के लिए की जाती है, न कि सिर्फ़ अभ्यास के लिए। पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान जब रणनीतिक मार्गों पर सक्रिय होते हैं और साथ में टारगेटिंग फ्रेमवर्क साझा किए जाते हैं, तो यह दबाव बनाने और संभावित कार्रवाई के लिए तैयारी का संकेत माना जाता है।