Saturday, 10 Oct 2026

अनंत सिंह: करोड़ों के मालिक हैं छोटे सरकार

पटना (15 अक्टूबर 25)। बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार अनंत सिंह ने नामांकन दाखिल करते हुए 37.88 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। यह जानकारी उनके द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में दी गई है। हलफनामे में कहा गया है कि बाहुबली की छवि वाले सिंह के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने यह नामांकन जद (यू) की ओर से टिकट मिलने के बाद दाखिल किया। 

सिंह को उनके समर्थक ‘छोटे सरकार' के नाम से पुकारते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जद (यू) की आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी होने से पहले ही सिंह ने शीर्ष नेतृत्व से अनुमति प्राप्त कर नामांकन कर दिया था। सिंह की पत्नी नीलम देवी 2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर मोकामा सीट जीती थीं और बाद में राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का समर्थन करने लगी थीं। नीलम देवी के पास कुल 62.72 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। मोकामा सीट पर पहले चरण में छह नवंबर को मतदान होना है। नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे के अनुसार, अनंत सिंह के पास 26.66 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 11.22 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उनकी पत्नी नीलम देवी के पास 13.07 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 49.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। हलफनामे में जानकारी दी गई है कि सिंह के पास 15.61 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 34.60 लाख रुपये नकद हैं। सिंह के नाम कई बैंक खाते और करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण हैं, जबकि नीलम देवी के पास 76.61 लाख रुपये के सोने के आभूषण हैं। सिंह के पास तीन लग्जरी एसयूवी वाहन हैं जिनकी कीमत 3.23 करोड़ रुपये है, वहीं उनकी पत्नी के पास तीन कारें हैं जिनकी कीमत 77.62 लाख रुपये बताई गई है। इनके अलावा उनकी संपत्ति में घोड़े और गायें भी शामिल हैं। सिंह 1990 से मोकामा सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। उनके परिवार ने इस सीट पर लगभग तीन दशक से अपना दबदबा बनाए रखा है, सिवाय उस अवधि के जब एक अन्य बाहुबली ने यह सीट जीत ली थी। अनंत सिंह ने 2022 में अपनी पत्नी नीलम देवी को ‘परिवार की गद्दी' सौंपी थी, जब यूएपीए से संबंधित मामले में दोषसिद्ध होने के कारण उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। बाद में पटना उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया। सिंह ने यह साफ कर दिया है कि अब वह ‘मोकामा की विरासत की रक्षा' का जिम्मा फिर खुद संभालेंगे। मुख्य विपक्षी दल राजद ने घोषणा की है कि वह ‘छोटे सरकार' को कड़ी चुनौती देने वाले किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करेगी। 


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