भोपाल (15 जनवरी 26)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण आपको केवल अधिकारी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और सजग राष्ट्र-प्रहरी के रूप में तैयार करने का प्रयास है। प्रशिक्षण, व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतिभागियों को एक-दूसरे के राज्य की संस्कृति, विशेषताओं और विविधताओं को समझने का अवसर देता है। विविधता में एकता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अपने राज्य की विशिष्टताओं की अनुभूतियों और प्रशिक्षण के निर्देशों का देश हित में उपयोग कर, 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के निर्माण में योगदान दे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल गुरूवार को सशस्त्र सीमा बल अकादमी भोपाल के प्रशिक्षु सहायक कमांडेंट्स को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी को राष्ट्र के प्रतिष्ठित बल में चयन की बधाई और शुभकामनाएं दी। लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित सौजन्य भेंट कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी उन सौभाग्यशाली लोगों में शामिल हैं, जिन्हें सशस्त्र सीमा बल का हिस्सा बनकर माँ भारती की सेवा का महान अवसर मिला है। आपकी वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है। इसी वर्दी के साये में देशवासी स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं। आप जब अपने परिवार से दूर सीमाओं पर तैनात होकर देश की रक्षा करते हैं, तभी हर देशवासी चैन और शांति की नींद सो पाता है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्यों का पालन करने वाले अधिकारी ही समाज में विश्वास और सम्मान अर्जित करते हैं। आप सभी निष्ठा, समर्पण और साहस के साथ राष्ट्र की सेवा करें। सशस्त्र सीमा बल की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में देश के समक्ष आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, नक्सलवाद, तस्करी, साइबर अपराध और असामाजिक गतिविधियाँ जैसी अनेक महत्वपूर्ण चुनौतियां है। राष्ट्र प्रहरी के रूप में आपके निर्णय और कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपनी प्रतिभा से सीमा सुरक्षा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक ज्ञान, शारीरिक और मानसिक सक्रियता के नए मानक स्थापित करें।