Saturday, 03 Oct 2026

अमेरिका से वार्ता को तैयार, वादे भी निभाएंगे लेकिन...!

तेहरान (09 अप्रैल 26)। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने शांति वार्ता को लेकर अपना रुख साफ किया है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद  ख़ातिबज़ादेह ने कहा कि उनका देश अपने वादों का सम्मान करता है और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हालात अभी भी बेहद नाजुक हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए हमलों के बाद स्थिति 'बहुत गंभीर' हो गई थी और ईरान को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसके बाद पाकिस्तान के जरिए कूटनीतिक बातचीत शुरू हुई, जिससे हालात कुछ हद तक संभले।

खातिबजादेह ने अमेरिका पर भी जिम्मेदारी डाली और कहा कि वॉशिंगटन को अपने सहयोगी Israel को नियंत्रित करना चाहिए, ताकि सीजफायर का सही तरीके से पालन हो सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाने को तैयार है और वहां स्थायी समाधान निकालने की कोशिश करेगा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लेबनान को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया, तो स्थायी शांति संभव नहीं होगी। इस मुद्दे पर विवाद और गहरा हो गया है क्योंकि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है और वहां हमले जारी रहेंगे। दूसरी ओर, ईरान के नेता मोहम्मद बाघेर ग़लिबाफ ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इज़राइल ने समझौते की तीन अहम शर्तों का उल्लंघन किया है लेबनान में हमले, ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से इनकार। ईरान का कहना है कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक बातचीत मुश्किल रहेगी। हालांकि, इसके बावजूद दोनों पक्ष इस्लामाबाद में वार्ता करने के लिए तैयार हैं, जहां अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वैंस करेंगे।

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