इंदौर (15 जनवरी 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को मंगलकानाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुँचाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल-आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपये की योजना को दूरदृष्टि के साथ 2400 करोड़ रुपये तक विस्तार दिया। यह निर्णय आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आज जिस परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है, यह केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण भी शामिल है। इससे शहर को लंबे समय तक सुचारु, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। परियोजना पूर्ण होने पर इंदौर की वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति संभव होगी। यह परियोजना इंदौर को स्वच्छ, पर्याप्त और भरोसेमंद पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। क्रायक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, महेन्द्र हार्डिया और मनोज पटेल के साथ सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, परिषद के सदस्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।