तेहरान (05 मार्च 26)। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान से एक और भड़काऊ बयान सामने आया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर गुरुवार को वरिष्ठ शिया धर्मगुरु अब्दुल्लाह जवादी अमोली का संदेश प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी। इस संदेश में उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए अमेरिका और इजराइल के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही और 'इजराइलियों एवं ट्रंप का खून बहाने' का आह्वान किया।
अयातुल्ला ने अपने संदेश में कहा कि ईरान एक बड़ी परीक्षा के दौर से गुजर रहा है और देश को इस समय पूरी एकता बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ संघर्ष को जारी रखा जाए और इसे धार्मिक व राजनीतिक जिम्मेदारी बताया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल का जिक्र करते हुए उग्र शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि 'दमनकारी अमेरिका से लड़ना जरूरी है' और समर्थकों से इस संघर्ष में डटे रहने का आह्वान किया। यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सेनाएं ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले कर रही हैं।
इन हमलों में ईरान के कई सैन्य अड्डों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। इसके बाद ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व की ओर से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के उग्र बयानों से पहले से चल रहे संघर्ष में और अधिक तनाव बढ़ सकता है। मध्य-पूर्व में पहले से जारी युद्ध के बीच अब धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ रही है।