Monday, 05 Oct 2026

कांग्रेस बोली- ईडी को सुझाव देने का अधिकार नहीं

नईदिल्ली (05 जुलाई 25)। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने अपनी दलीलें रखीं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बार हमने ईडी से कहा कि संपत्तियां बेचकर कर्ज का भुगतान क्यों नहीं किया गया? खेड़ा ने साफ किया कि ईडी को यह सुझाव देने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि कांग्रेस ने ब्याज मुक्त कर्ज दिया था ताकि अखबार के जरिए विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जा सके, न कि कोई व्यावसायिक लेन-देन। उन्होंने बताया कि अखबार को पुनर्जीवित करने के लिए एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी बनाई गई है और ईडी से मांग की गई है कि जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं, उन्हें रिकॉर्ड में लाया जाए।

इससे पहले, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई ‘वास्तव में अजीब’ है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह मामला अनोखा है क्योंकि इसमें बिना किसी संपत्ति या लाभ के धनशोधन का आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की कोई भी संपत्ति या पैसा सीधे किसी कांग्रेस नेता को नहीं मिला। फिर भी, ईडी ने इस मामले को धनशोधन से जोड़ा है। ईडी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन कंपनी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने धोखाधड़ी के जरिए एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां हासिल कीं। ईडी का दावा है कि गांधी परिवार के पास यंग इंडियन के 76 प्रतिशत शेयर थे, जिसने 90 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले धोखाधड़ी से एजेएल की संपत्तियां हड़पीं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह कदम एजेएल को कर्ज मुक्त करने के लिए उठाया गया था।

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