इंदौर (10 अक्टूबर 25)। लव जिहाद और टेर फंडिंग के आरोपी पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी निरस्त करने का प्रस्ताव महापौर परिषद सम्मेलन की बैठक में एक तिहाई से अधिक बहुमत पारित हो गया है। वहीं सदन में प्रस्ताव लाने से पहले ही कांग्रेसी पार्षद दल के नेताओं ने वॉक आउट कर दिया और सदन के बारह गडढों पर चर्चा करने के लिए अड़े रहे, इधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव गड्ढों पर चर्चा करने के लिए तैयार थे, लेकिन कांग्रेसी पार्षद राजू भदौरिया को भाजपा पार्षद योगेश गेंदर ने रासूका का आरोपी बताया, जिससे नाराज कांग्रेसी सदन से बाहर चले गए।
वहीं जब कादरी की बर्खास्तगी प्रस्ताव पारित हुआ तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेसी पार्षदों, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सवाल पूछा कि क्या कांग्रेस लव जिहाद और टेर फंडिंग के आरोपी पार्षद जिसे पार्षद बने रहने से शहर छवि धूमिल हो रही उसके समर्थक है, अगर नहीं तो फिर सदन से बाहर क्यो चले गए? हम गडढों पर बहस करने के लिए तैयार थे, लेकिन वे कादरी के कुकृत्यों के समर्थक है, इसलिए बहस करने से बचकर बाहर चले गए। भाजपा पार्षदों ने कादरी को बाहर के लिए सदन में रखे गए प्रस्ताव का समर्थन लिखित में भी किया है।
पार्षद अनवर कादरी के बर्खास्तगी पर नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कादरी पार्षद है और आगे भी रहेगा, केवल आरोप लगाए जाने वो सिध्द नहीं होते, उन छोटे आरोप लगाए गए कोर्ट में इसका फैसला हो जाएगा। सदन में बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित हुआ है। जिसमें हमारी सहमति नहीं थी। कादरी पर झूठे आरोल लगकार फंसा गया है। महापौर परिषद सम्मेलन की बैठक के दौरान बीते दिनों बगैर अनुमति चंदन नगर में संकेतक बोर्ड लगाए जाने के मामले में निलम्बित किए गए अधीक्षण यंत्री वैभव दवलासे को बहाल करने का मुद्दा भी भाजपा पार्षद महेश चौधरी ने उठाया है। चौधरी जैसे ही सदन में सभापति के समक्ष चौधरी सवाल पूछा कि निलम्बित अधिकारी 45 दिन की अवधि से पहले किस एक्ट के तहत बहाल हुए, जबकि अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की जांच में देवलासे और राणा दोषी पाए गए थे। चौधरीने निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव से पूछा की जांच पूरी नहीं तो उन्हें बहाल कैसे कर दिया। महापौर परिषद सम्मेलन की शुरूआत ही हंगामें से हुई, कांग्रेसी पार्षद ने शुरूआत में ही शहर के गडढ़ों पर के पोस्टर सदन में दिखाएं और बताया की सड़क पर हो रहे गडढों के कारण मौत रही है। जिस पर सभापति मुन्ना लाल यादव नेता प्रतिपक्ष पर नाराजगी जताई और कहा कि कई पार्षदों अखबारों में छपास की बीमारी है वो सदन समय बर्बाद करते है, महापौर भार्गव ने कहा कि गडढों पर बहस के लिए हम तैयार है। जिसके बाद महापौर अपने सदन को सम्बोधित करते हुए गढडों के कारण जनता को हुई परेशानी के लिए खेद जताया, उन्होंने कहा कि इंदौर में 80 प्रतिशत सड़कें खराब है, लेकिन निर्माण एजेंसियों के सड़क नहीं सुधारने से निगम छवि धूमिल हुई।