कोच्चि (05 अप्रैल 26)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह अपने बच्चों को बचाना चाहते हैं, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 'डरते' हैं। गांधी ने फोर्ट कोच्चि में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के साथ 'समझौता' किया है। उन्होंने साथ ही किसी का नाम लिए बिना विजयन की बेटी से कथित तौर पर जुड़े 'एक्सालॉजिक' मामले का जिक्र किया। इस मामले में कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच अवैध वित्तीय लेनदेन के आरोप शामिल हैं, जो विजयन की बेटी वीणा के स्वामित्व वाली कंपनी थी और यह अब बंद हो चुकी है।
गांधी ने कहा, 'कौन सा पिता अपने बच्चों की रक्षा करने की कोशिश नहीं करेगा? लेकिन समस्या यह है कि आपने ऐसे कृत्यों की अनुमति दी है, जिनके लिए अब सुरक्षा की आवश्यकता है। आपने ऐसे काम किए हैं, जिनके लिए सुरक्षा की आवश्यकता है।' उन्होंने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि वाम मोर्चे का नेता किसकी सुरक्षा चाहता है। गांधी ने आरोप लगाया, 'वह देश की सबसे दक्षिणपंथी ताकतों से संरक्षण मांग रहे हैं। केरल की राजनीति का यही स्वरूप है।' उन्होंने दावा किया, 'मुख्यमंत्री अपने बच्चों को बचाने के लिए शासन व्यवस्था की बलि दे रहे हैं। उनके पिछले कार्यों ने उन्हें फंसा दिया है, जिसका खामियाजा केरल की जनता भुगत रही है।'
गांधी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) अब वामपंथी संगठन नहीं रहा बल्कि देश की 'सबसे बदतर राजनीतिक ताकत' के साथ सांठगांठ कर चुका है, जो लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाती है- चाहे वे ईसाई हों, मुस्लिम हों, सिख हों या जैन हों। उन्होंने इसे भारत के संविधान पर 'प्रत्यक्ष हमला' बताया। गांधी ने कहा, 'मुख्यमंत्री उनके साथ कैसे खड़े हो सकते हैं? वामपंथी शिक्षा के बाद भी उन्हें शर्म क्यों नहीं आती? वे इस ताकत के साथ जुड़े हुए हैं।' उन्होंने कहा कि विजयन को केरल की जनता को जवाब देना होगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला जारी रखते हुए आरोप लगाया कि वह अदाणी समूह और एप्स्टीन फाइलों से संबंधित मुद्दों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में हैं।