इंदौर (15 सितंबर 26)। खजराना स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर भव्य शृंगार और महाभोग का आयोजन किया गया। भक्त मंडल की ओर से सुबह सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग गणपति जी को समर्पित किया गया। इस दौरान गणपति जी का सात करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषणों से दिव्य शृंगार किया गया। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर शिवम वर्मा तथा मंदिर प्रशासक एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने ध्वजा पूजन कर गणेश जी को स्वर्ण आभूषण समर्पित किए। इसके पश्चात भक्त मंडल द्वारा निर्मित सवा लाख मोदक का भोग लगाकर भक्तों में वितरण किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट सुमित भट्ट एवं जयदेव भट्ट द्वारा वैदिक मंगलाचरण के बीच मोदक का भोग समर्पित किया गया।
मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि इस बार गणपति जी को हीरे जड़ित नए नेत्र चढ़ाए गए हैं। सात करोड़ रुपए के स्वर्ण आभूषणों से गणपति का श्रृंगार किया गया। श्रृंगार एक दिन पहले हरतालिका तीज से ही शुरू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि जिन आभूषणों से शृंगार किया जाता है, वे बाद में ट्रेजरी में सुरक्षित रख दिए जाते हैं। साल में केवल दो ही दिन इन विशेष आभूषणों से गणपतिजी का शृंगार किया जाता है। विशेष शृंगार में गणपति जी का स्वर्ण मुकुट, माताजी का मुकुट, शुभ-लाभ के मुकुट, स्वर्ण चंद्रिका और छत्र शामिल हैं। हीरे और स्वर्ण जड़ित आभूषणों के साथ चांदी के अलंकारों से बप्पा का अलौकिक रूप सजाया गया।
भक्त मंडल की ओर से बताया गया कि पूरे गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन गणेश जी को विभिन्न प्रकार के अनाज के लड्डुओं का भोग भी समर्पित किया जाएगा। इस दौरान करीब 20 लाख भक्तों के दर्शन के लिए पहुंचने का अनुमान है। आचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि इस साल गणेश उत्सव 12 दिन का होगा। तृतीया और चतुर्थी एक ही दिन होने से उत्सव एक दिन बढ़ गया है। इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों सोमवार को हैं। अब अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को रहेगी।