तेहरान (18 जनवरी 26)। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'अपराधी' करार दिया। खामेनेई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को खुला समर्थन देकर हिंसा को बढ़ावा दिया, जिसके चलते 'कई हज़ार लोगों की मौत' हुई। राजकीय टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि 28 दिसंबर से शुरू हुए प्रदर्शनों और उनके दमन के दौरान भारी जनहानि हुई। हालांकि, उन्होंने इन मौतों की पूरी जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों पर डाल दी, जिन्हें उन्होंने 'विद्रोही' और 'अमेरिका के पैदल सिपाही' बताया।
खामेनेई ने कहा कि ट्रंप ने खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों को उकसाया और यहां तक कहा कि अमेरिका उनका सैन्य समर्थन भी करता है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान के आर्थिक और राजनीतिक संसाधनों पर नियंत्रण चाहता है। खामेनेई के शब्दों में, 'हम अमेरिकी राष्ट्रपति को अपराधी मानते हैं जानमाल के नुकसान, ईरानी राष्ट्र पर लगाए गए झूठे आरोपों और तबाही के लिए।' ईरानी सुप्रीम लीडर ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने मस्जिदों और शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाया और आम लोगों को चोट पहुंचाई, जिससे हजारों लोगों की जान गई। यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए कहा था कि ईरान ने 800 से अधिक लोगों को फांसी देने की योजना रद्द कर दी है, और उन्होंने इसके लिए ईरानी नेतृत्व का 'धन्यवाद' भी किया था। ट्रंप के इस बयान को संभावित सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई का यह बयान एक ओर जहां अंतरराष्ट्रीय दबाव में की गई आंशिक स्वीकारोक्ति है, वहीं दूसरी ओर यह साफ संदेश भी है कि ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान दमन की नीति पर कोई पुनर्विचार नहीं कर रहा।