इस्लामाबाद (01 मार्च 26)। अमेरिका-इजरायल हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान का ईरान के प्रति प्रेम खुलकर सामने आ गया है। अली खामेनेई की मौत के खिलाफ देश के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन भड़क उठे। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक झड़पें हुईं, जबकि इस्लामाबाद में पुलिस ने धारा 144 लागू कर कड़ा बल प्रयोग किया। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में रविवार को हालात बेकाबू हो गए। हजारों प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़े और गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। सिविल अस्पताल के अनुसार 15 शव लाए गए, कई पर गोली के निशान थे। लगभग 30 घायल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं, जिनमें 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। सिंध के गृह मंत्री जिया उल हसन लंजार ने तत्काल रिपोर्ट मांगी और न्यायिक जांच के आदेश दिए। उन्होंने साफ कहा 'कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।' अमेरिकी दूतावास के बाहर सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। राजधानी इस्लामाबाद में हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी। रेड ज़ोन को सील कर दिया गया और विदेशी दूतावासों के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किए गए। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। तहरीक-ए-जाफरिया पाकिस्तान ने अमेरिकी दूतावास घेराव का आह्वान किया था। इसके अलावा गिलगित-बाल्टिस्तान और स्कर्दू में भी प्रदर्शन हुए। कुछ जगहों पर संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कार्यालयों के बाहर तोड़फोड़ की खबरें हैं।