गाजा (18 सितंबर 26)। गाजा सिटी में विस्थापित फिलीस्तीनी परिवारों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही एक इमारत बुधवार को ढह गई, जिससे कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं, सऊदी अरब ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ जारी तनाव के बीच अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए सहयोगी देशों से मदद मांगी है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता जाहेर अल-वहीदी ने बताया कि इमारत गिरने से जिन लोगों की मौत हुई है उनमें 11 बच्चे शामिल हैं। कम से कम 14 लोग घायल हुए हैं। यह इमारत युद्ध के शुरुआती दौर में हुए इजराइली हमले में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बुधवार को इमारत गिरने की वजह क्या थी। गाजा में बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं और संघर्षविराम के करीब एक साल बाद भी बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। इजराइल का कहना है कि हमास के निरस्त्रीकरण तक वह बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं देगा।
इस बीच, सऊदी अरब ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मंगलवार शाम एक ड्रोन को मक्का के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने कहा कि मक्का की सुरक्षा 'लक्ष्मण रेखा' है और सऊदी बल 'शत्रुतापूर्ण तथा आतंकवादी गतिविधियों' के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं करेंगे। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यह पैगंबर मोहम्मद का जन्मस्थान और काबा का स्थल है, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान दिन में पांच बार नमाज के दौरान रुख करते हैं। सऊदी अरब ने ड्रोन के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, हूतियों ने इस आरोप से इनकार किया है। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, सऊदी अरब ने मिसाइल रोधी प्रणालियों और हवाई सुरक्षा के लिए फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से क्षेत्र में सहायता तैनात करने का अनुरोध किया है।