Tuesday, 06 Oct 2026

गुरु साहिबानों की बेअदबी पर इस्तीफा दें मान व आतिशी: लालपुरा

चंडीगढ़ (09 जनवरी 26)। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा गुरु साहिबानों के प्रति प्रयुक्त शब्दावली तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा गुरु साहिबानों की तस्वीर के सामने शराब छिड़कने से संबंधित एक अपुष्ट वायरल वीडियो-इन दोनों मामलों पर आम आदमी पार्टी के नेताओं की चुप्पी यह सिद्ध करती है कि सिख धर्म के मूल सिद्धांत 'गुरु की निंदा सुने न कान' के विरुद्ध 'आप' पार्टी के नेता डटकर पहरा दे रहे हैं। यह आरोप भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य इकबाल सिंह लालपुरा ने लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक अधिकार खो चुके हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। इस मौके पर पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीप सिंह चीमा, प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल तथा प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी भी उपस्थित थे।

लालपुरा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के भीतर सिख गुरु साहिबानों के बारे में अपशब्दों के प्रयोग की पुष्टि स्वयं विधानसभा के स्पीकर द्वारा की जा चुकी है, जो सिख धर्म और पूरी कौम की भावनाओं पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने इस गंभीर मामले में चुप्पी साधकर अपनी नीयत स्पष्ट कर दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पार्टी की सिख नेतृत्व इस मुद्दे पर खामोश क्यों हैं और दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। लालपुरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का वायरल वीडियो इस मामले को और गंभीर बनाता है। उन्होंने कहा कि सिखी में ऐसा कोई रिवाज नहीं है और यदि यह घटना सत्य है तो यह सीधे-सीधे कानूनी अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच पंजाब सरकार या पंजाब पुलिस नहीं कर सकती, क्योंकि जब आरोप राज्य के मुख्यमंत्री पर हों तो निष्पक्षता संभव नहीं रहती। इसलिए तुरंत सीबीआई या न्यायपालिका से जांच होनी चाहिए। लालपुरा ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया भी इस पूरे मामले के लिए उतने ही जिम्मेदार हैं। यदि भगवंत मान इस्तीफा नहीं देते, तो आम आदमी पार्टी को उन्हें तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था पहले ही ध्वस्त हो चुकी है और अब धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा भी खतरे में है। जो सरकार गुरु साहिबानों के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इकबाल सिंह लालपुरा ने दो टूक कहा कि भाजपा सिख कौम के साथ मजबूती से खड़ी है और गुरु साहिबानों की निंदा करने वालों को सजा दिलवाए बिना चुप नहीं बैठेगी।

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