Thursday, 01 Oct 2026

चीन की दमन नीति: केन्या में ताइवानी प्रतिनिधियों को रोका

ताइपे (18 जून 26)। ताइवान ने आरोप लगाया है कि चीन अन्य देशों पर दबाव डालकर उसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है और यह अब 'नयी सामान्य स्थिति (न्यू नॉर्मल)' बन गई है। ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया लुंग ने बुधवार को यह टिप्पणी की। हाल में केन्या में आयोजित एक महासागरीय सम्मेलन में ताइवान के प्रतिनिधियों को कथित तौर पर प्रवेश से रोक दिया गया। ताइवान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोंबासा में आयोजित 'ऑवर ओशन कॉन्फ्रेंस' में शामिल होने गए दो ताइवानी प्रतिनिधियों को उनके पासपोर्ट मान्यता प्राप्त न होने के आधार पर रोक दिया गया।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और उन्हें 20 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। इसके बाद ताइवान का शेष प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन से हट गया। केन्या सरकार ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि उसकी विदेश नीति 'एक चीन' सिद्धांत को मानती है, जिसके तहत वह ताइवान को अलग देश के रूप में मान्यता नहीं देती। इस पर ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लुंग ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केन्या ने 'एक चीन' की व्याख्या का 'एकतरफा और अनुचित विस्तार' किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह गलत है और इसकी कड़ी निंदा की जाती है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चीन पर लगातार यह आरोप लगते रहे हैं कि वह विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ताइवान की भागीदारी को सीमित करने के लिए दबाव बनाता है। ताइवान एक स्वशासित लोकतांत्रिक क्षेत्र है, जिसे चीन अपना हिस्सा मानता है। चीन ने कई मौकों पर अन्य देशों पर दबाव डालकर ताइवान के प्रतिनिधियों को वैश्विक मंचों से दूर रखने की कोशिश की है।

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