इंदौर (27 जून 25)। राजनीति में कब क्या हो जाए और कब कौन किसके साथ नजर आ जाए कहा नहीं जा सकता। ऐसा ही कुछ नजारा इन दिनों मप्र की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। कभी एक-दूसरे के लिए पूरब-पश्चिम रहे नेता पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मप्र के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गुरूवार को इंदौर में हुई मुलाकात ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इन दोनों नेताओं ने न सिर्फ बंद कमरे में मुलाकात की, बल्कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर भी पहुंचे। यही नहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहर में पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ से भी उनके घर जाकर मुलाकात की। जबकि मालिनी गौड़ की कैलाश विजयवर्गीय खेमे से बिलकुल भी पटरी नहीं बैठती।
इस बीच शहर में एक और अजीब घटनाक्रम देखने को मिला। जब सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के एक बंद कमरे में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अकेले चर्चारत थे। इसी दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर केंद्रीय मंत्री चौहान से मिलने पहुंच गई। सावित्री ठाकुर ने चौहान से पहले ही मिलने का समय लिया हुआ था। तय समयानुसार जब वह सोयाबीन अनुसंधान केंद्र पहुंची, तब शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय चर्चा में व्यस्त थे। इस दौरान सावित्री ठाकुर ने कक्ष में जाने का प्रयास किया तो बाहर खड़े दोनों नेताओं के सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोक दिया। हालांकि कुछ देर इंतजार के बाद सावित्री ठाकुर केंद्रीय मंत्री चौहान से जाकर मिली।
इन घटनाक्रमों ने शहर और प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। गौरतलब यह भी है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हमेशा पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश में सक्रियता से आशंकित रहते हैं, वहीं अपनी कैबिनेट के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नजरअंदाज करने की चेष्टा भले ही कर लें, लेकिन दिल्ली दरबार में विजयवर्गीय की कदम ताल से उनका खौफ हमेशा बना रहता है। अब देखना यह है कि प्रदेश में गलबहिया करती नजर आ रही यह राजनीति क्या करवट लेती है।