इंदौर (01 जनवरी 26)। वैसे तो 2025 में मध्य प्रदेश में कई ऐसी त्रासदियां आई जो खबरों की सुर्खियां बन गई और कई घरों को उजाड़ गई लेकिन साल के आखिरी महीनें के आखिरी दो दिनों में इंदौर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। देश के सबसे स्वच्छ माने जाने वाले शहर में साफ पानी के अभाव में एक दर्जन से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इन घटनाओं के लिए विपक्ष लगातार सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है और उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से पीड़ित और प्रभावितों से मिलकर भरोसा दिलाते हुए कहा कि चिंता न करें, सब कुछ अब ठीक होगा। आप सभी पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर सकुशल पहुँचेंगे। यहाँ आपको बेहतर से बेहतर उपचार नि:शुल्क दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञ और अस्पताल स्टॉफ से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकरियों और चिकित्सकों को निर्देश दिये कि वे अस्पताल में भर्ती प्रभावितों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखें। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंदौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।