इंदौर (25 अक्टूबर 25)। थाना एमआईजी के मार्च 2022 के विवादित मामले में पुलिस विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। इस मामले में एक महिला ने शिकायत की थी कि रवि नामक व्यक्ति ने उसके साथ शारीरिक शोषण किया। इसके बाद आरोप लगे कि मामले को 20 लाख रुपए में निपटाने की कोशिश की गई, जिसमें एमआईजी थाने के आरक्षक गोविंद द्विवेदी और जांचकर्ता कार्यवाहक सउनि धीरज शर्मा तथा तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा की भूमिका संदिग्ध रही।
पुलिस की विभागीय जांच में यह पाया गया कि इन अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अनियमितताएं बरती हैं। इसके परिणामस्वरूप पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन टीआई अजय वर्मा को निरीक्षक के पद से रिवर्ट कर उपनिरीक्षक पद पर पदस्थ किया और कार्यवाहक सउनि धीरज शर्मा को पांच साल के लिए आरक्षक पद पर तैनात किया गया है। जबकि द्विवेदी को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले विजय नगर थाने के टीआई रहे रवींद्र सिंह गुर्जर को भी दो साल के लिए उपनिरीक्षक पद पर रखा गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों और कानून के तहत निष्पक्ष जांच के बाद की गई है। स्थानीय पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस फैसले से विभाग में अनुशासन और जवाबदेही की दिशा में स्पष्ट संदेश गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।