न्यूयार्क (08 अप्रैल 25)। अमेरिका में इन दिनों 'Hands Off' आंदोलन की गूंज हर तरफ सुनाई दे रही है। देश के 50 राज्यों में फैले 1200 से अधिक स्थानों पर हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का निशाना सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं बल्कि अरबपति उद्योगपति एलन मस्क भी बने हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप की नीतियां देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, नागरिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर चोट कर रही हैं।
'Hands Off' आंदोलन की शुरुआत अमेरिकी जनता के भीतर पल रहे उस गुस्से का परिणाम है, जो अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। लोगों का कहना है कि ट्रंप और एलन मस्क जैसे प्रभावशाली लोग अपने फैसलों से आम नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा और स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि वे ऐसा अमेरिका नहीं चाहते जहां किताबों पर प्रतिबंध लगे, स्वास्थ्य सुविधाओं में कटौती हो और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को अपराधी जैसा देखा जाए। न्यूयॉर्क के मिडटाउन मैनहट्टन से लेकर अलास्का के एंकोरेज तक, देश के लगभग हर कोने में लोग सड़कों पर उतरे। लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड में हजारों लोगों ने "Hands Off" के बैनर और पोस्टर लिए मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सिटी हॉल से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक पैदल मार्च कर अपना विरोध जताया। हालांकि विरोध तेज और व्यापक था, फिर भी यह शांतिपूर्ण रहा। फिलहाल किसी भी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। आयोजकों ने बताया कि उनका उद्देश्य सरकार और पॉलिसी मेकर्स तक स्पष्ट संदेश पहुंचाना है कि अमेरिका की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से समझौता नहीं करेगी।