फ्लोरिडा (28 फरवरी 26)। मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में तनाव अब खुले युद्ध की शक्ल ले चुका है। इजरायल ने ईरान के खिलाफ 'एहतियाती सैन्य कार्रवाई' शुरू की, जिसे अमेरिका का खुला समर्थन मिला।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा: 'इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान के लोगों को आजादी और सुरक्षा दिलाना है। हम एक कट्टर और दमनकारी शासन को रोक रहे हैं।' ट्रंप ने ईरानी सेना से हथियार डालने और जनता से 'अपना भविष्य खुद तय करने' की अपील भी की।
इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान के खिलाफ 'प्रीवेंटीव अटैक' यानी एहतियाती सैन्य कार्रवाई शुरू की। इजरायल के रक्षा मंत्री ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इस अभियान में अमेरिका ने खुला समर्थन दिया, जिससे यह संयुक्त सैन्य ऑपरेशन बन गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर वीडियो जारी कर पुष्टि की कि अमेरिका 'major combat operations' चला रहा है। अमेरिकी सेना ने इस अभियान का नाम 'Operation Epic Fury' रखा है। ट्रंप ने कहा 'हम एक बेहद कट्टर तानाशाही को अमेरिका और हमारे राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा बनने से रोकने के लिए बड़े और जारी सैन्य अभियान को अंजाम दे रहे हैं।' यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक वार्ताएं जारी थीं। गुरुवार को जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत हुई थी। आज नए दौर की बातचीत प्रस्तावित थी। लेकिन इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बढ़ते खतरे को देखते हुए इजरायल से गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों को हटाने की अनुमति दी थी।