वाशिंगटन (08 अक्टूबर 25 )। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह देश के कुछ शहरों में सेना भेजने के लिए 'इंसरेक्शन एक्ट' का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस कानून के ज़रिए राष्ट्रपति को आपात स्थिति में सेना को देश के भीतर तैनात करने की अनुमति मिलती है। ट्रंप के इस बयान के बाद व्हाइट हाउस और डेमोक्रेटिक-शासित शहरों के बीच कानूनी टकराव और तेज़ हो गया है।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'हमारे पास इंसरेक्शन एक्ट किसी कारण से है। अगर लोग मारे जा रहे हों और अदालतें या राज्यपाल हमें रोक रहे हों, तो मैं इसका इस्तेमाल ज़रूर करूंगा।' यह कानून लगभग 200 साल पुराना है और अब तक सिर्फ बेहद गंभीर हालात में इस्तेमाल किया गया है। इसे आखिरी बार साल 1992 में राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने लॉस एंजेलिस दंगों के दौरान लागू किया था। ट्रंप ने हाल ही में सेना को शिकागो और पोर्टलैंड जैसे डेमोक्रेटिक शहरों में तैनात करने का आदेश दिया है। इससे पहले वह लॉस एंजेलिस और वॉशिंगटन डीसी में भी नेशनल गार्ड भेज चुके हैं। उन्होंने सेना से कहा था कि अमेरिकी शहरों को 'ट्रेनिंग ग्राउंड' यानी अभ्यास स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर ट्रंप वास्तव में इंसरेक्शन एक्ट लागू करते हैं, तो यह राष्ट्रपति की सत्ताओं का असाधारण इस्तेमाल माना जाएगा क्योंकि आम तौर पर सेना तभी तैनात की जाती है जब राज्यपाल खुद इसकी मांग करते हैं।