वाशिंगटन (14 सितंबर 25)। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लिया है। भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में सर्जियो गोर की नियुक्ति पर बोल्टन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गोर इस पद के बिल्कुल लायक नहीं हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की भारत विरोधी नीति और सलाहकार पीटर नवारो की भाषा को भी 'नासमझी भरी' बताया।
जॉन बोल्टन ने एएनआई से बातचीत में कहा कि ट्रंप ने भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में सर्जियो गोर को चुना है, लेकिन यह फैसला सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि गोर के पास कूटनीतिक अनुभव की भारी कमी है। गोर की उम्र सिर्फ 38 सा है। वे ट्रंप के बेहद करीबी और विश्वासपात्र माने जाते हैं। पिछले महीने उन्हें दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए राजदूत और विशेष दूत के पद के लिए चुना गया था। अगर उनकी नियुक्ति मंजूर होती है तो गोर भारत में सबसे कम उम्र के अमेरिकी राजदूत बन जाएंगे। बोल्टन ने आरोप लगाया कि गोर की अंतरराष्ट्रीय नीति की समझ बेहद कमजोर है और भारत जैसे अहम रणनीतिक सहयोगी देश के लिए उन्हें चुनना गंभीर भूल है।
बोल्टन ने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन का भारत को लेकर रुख लगातार कठोर रहा है। खासकर उनके व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की टिप्पणियों को उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया।बोल्टन ने कहा- 'पीटर नवारो को विश्व मामलों की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें यह भी समझ नहीं है कि अमेरिका के दोस्त कौन हैं और दोस्तों के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए। उनकी बयानबाजी ने अमेरिका की विदेश नीति को नुकसान पहुँचाया है।'