Thursday, 01 Oct 2026

दिवाली बाद 2200 करोड़ की योजना से नर्मदा की तीसरी लाइन

इंदौर (05 अक्टूबर 25)। शहर में नर्मदा से मिलने वाले पानी की मात्रा आगामी तीन सालों में दोगुनी से अधिक हो जाएगी। इसका फायदा इंदौर के विकास में होगा, क्योंकि सुपर कॉरिडोर और बायपास की कालोनियों में अभी नर्मदा का पानी नहीं होने से लोगा यहां रहना नहीं चाहते है, बोरिंग का पानी अधिक समय तक उपयोग नहीं किया जा सकता है। पानी का स्थाई समाधान यहां नहीं होने बाय-पास और सुपर कॉरिडोर पर बसाहट नहीं है। वहीं दूसरी और नगर निगम की अमृत योजना के तहत दिवाली के बाद जलूद से इंदौर तक तीसरी नर्मदा की पाइप लाइन डालने का काम शुरू होगा। इसके लिए नगर निगम, राज्य सरकार और केन्द्र सरकार की ओर से 2200 करोड़ रूपए किए जाएंगे। 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि साल 2028 तक इंदौर नगर निगम पानी के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। शहर को नर्मदा का पानी वर्तमान क्षमता से दो गुना, लगभग 800 एमएलडी प्रतिदिन मिलेगा। इससे सम्पूर्ण शहर की जरूरत पूरी होने के बाद पानी बच जाएगा। योजना 2035 में इंदौर की जनसंख्या के मान से बनाई गई। महापौर ने कहा कि हमारा लक्ष्य इंदौर नगर निगम सीमा में शामिल सभी 29 गांव में नर्मदा पानी पहुंचाना है। इसके लिए 1200 किलोमीटर लम्बी डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइनें डाली जाएगी। पानी के स्टोरेज हेतु 40 नर्मदा की नई टंकियां बनाई जाएंगी। महापौर भार्गव ने बताया कि  इंदौर में बसाहट तेजी से बढ़ रही है। बायपास, देवास रोड़, बिचौली हप्सी, राला मंडल, संवारे रोड, मांगलिया, सुपर कॉरिडोर ऐसे क्षेत्र है, जहां नया शहर आकार ले रहा है। इसलिए पानी की आवश्यकता पूर्ति की जानी है, यहां निगम की सीमा वाले क्षेत्रों लाइनें डाली जाएगी। महापौर भार्गव ने बताया कि नर्मदा पानी क्षमता बढ़ाने के लिए जलूद से इंदौर तक 80 किलोमीटर नई तीसरी पाइप लाइन डाली जाएगी। वर्तमान में प्रथम चरण की पहली सप्लाई, इसके बाद दूसरा और तीसरे चरण के लिए दूसरी लाइन डाली गई थी। अब तीसरी लाइन डाली जाएगी। महापौर ने बताया कि नर्मदा की का चौथा चरण इंदौर आने के बाद गर्मियों में होने वाला पानी संकट खत्म होगा। इस योजना में खर्च होने वाली राशि का 54 प्रतिशत हिस्सा राज्य शासन खर्च करेगा। 


Tags:

Follow us

This question is not available..!