इंदौर (31 दिसंबर 25)। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत होने की खबर है। हालांकि प्रशासन ने सिर्फ तीन लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। घटना के बाद से शहर में हड़कंप मचा हुआ है और लोग सहम गए हैं। इस हादसे के बाद जिम्मेदार बचाव के रास्ते तलाश रहे हैं, वहीँ विपक्ष हमलावर है। कांग्रेस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास और महापौर सचिवालय पर प्रदर्शन कर विरोध जताया।
भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की शिकायतों के बाद नगर निगम अब सतर्कता के साथ कार्रवाई में जुट गया है। जांच के दौरान चौकी से लगे शौचालय के नीचे मेन पानी की लाइन में गंभीर लीकेज सामने आया है। इस लीकेज के कारण दूषित पानी के पाइपलाइन में मिलने का खतरा बना हुआ था। नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। निगम अधिकारियों के अनुसार सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद पहले फ्लशिंग, क्लोरीनेशन और सैंपल टेस्टिंग की जाएगी। पानी की लैब रिपोर्ट पूरी तरह संतोषजनक आने के बाद ही क्षेत्र में जलापूर्ति बहाल की जाएगी। आयुक्त दिलीप यादव ने स्पष्ट कहा है कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और गुणवत्ता से जुड़े सभी मानकों का पालन अनिवार्य होगा।बता दें की दूषित जल की वजह से करीब 35 लोगों को अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।