नईदिल्ली (01 जुलाई 25)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक बड़ा दावा किया है। आपराधिक कानूनों के 1 साल पूरा होने पर शाह ने कहा कि भारत के नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से लागू होने में अधिकतम 3 साल का समय लगेगा, लेकिन इसके बाद देश के किसी भी हिस्से में दर्ज FIR पर तीन साल के भीतर न्याय मिल जाएगा। गृह मंत्री ने यह बात दिल्ली में एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान कही।
गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा कि ये तीनों कानून आने वाले दिनों में भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलने जा रहे हैं। उन्होंने माना कि हमारी न्याय प्रणाली के सामने सबसे बड़ी समस्या न्याय मिलने में लगने वाला अत्यधिक समय था। शाह ने सभी देशवासियों को आश्वस्त किया कि इस नई प्रणाली को पूरी तरह से स्थापित होने में भले ही अधिकतम तीन साल लगें, लेकिन उसके बाद न्याय की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा, 'मैं पूरी दृढ़ता से कह सकता हूं कि उसके बाद देश के किसी भी कोने में एफआईआर दर्ज करें, आपको तीन साल के भीतर न्याय मिलेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा।' आपको बता दें कि ये तीनों नए आपराधिक कानून - भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम - संसद से दिसंबर 2023 में पारित हुए थे। इन कानूनों को 1 जुलाई 2024 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। इन नए कानूनों ने ब्रिटिश काल के पुराने कानूनों, जैसे IPC, CrPC और IEA का स्थान लिया है।