काठमांडू (27 अगस्त 26)। मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए जिससे 95 से अधिक लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार अचानक आई बाढ़ के बाद सात जिलों से 90 से अधिक शव बरामद किए गए हैं। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद धमाला के अनुसार, चितवन जिले से 18, धादिंग से 16, नुवाकोट से 11 और रसुवा से एक शव बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए।
इसके बाद बाढ़ धादिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों तक फैल गई तथा कम से कम चार स्थायी एवं कुछ अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए। धमाला ने बताया कि प्रभावित इलाकों के विभिन्न हिस्सों से कम से कम 93 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 30 लोगों का काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। इनमें से अधिकतर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस कठिन समय में नेपाल के लोगों के साथ भारत की एकजुटता जताते हुए बाढ़ प्रभावित नेपाल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया।
नेपाल में तिब्बत-चीन सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों का एक समूह प्रभावित हुआ है। बाढ़ में एक इमिग्रेशन सेंटर के बह जाने की खबर है, जहां ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्री और तीन वॉलंटियर मौजूद थे। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वे खुद इलाके में मौजूद हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं। सद्गुरु ने बताया कि उनकी यात्रा में शामिल 21 समूहों के 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री अभी तिब्बत और नेपाल में हैं। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और उनकी स्थिति का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल में आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। नेपाल पर्यटक बोर्ड के अनुसार बाढ़ से 133 भारतीय पर्यटक लापता हो गए हैं, जिससे 31 लोग मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे। नेपाल पर्यटक बोर्ड के अनुसार लगभग 400 पर्यटक लापता हुए हैं। इनमें 291 विदेशी और 90 से ज्यादा पर्यटक नेपाल के है। नेपाल न्यूज के अनुसार, 37 पर्यटक NRI हैं, जबकि अन्य संयुक्त राज्य अमेरिका, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के पर्यटक हैं।नेपाल सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर- 1144 जारी किया है।