तरावा (31 दिसंबर 25)। दुनिया में सबसे पहले नया साल प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों में शुरू होता है। इंटरनेशनल डेट लाइन के सबसे पूर्व में स्थित देश सबसे पहले 1 जनवरी में प्रवेश करते हैं, जिनमें किरिबाती सबसे आगे है। दुनिया में नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। सबसे पहले द्वीपीय देश किरिबाती में रात के 12 बजते ही नए साल का जश्न शुरू हुआ। किरिबाती भारत से 8 घंटे 30 मिनट आगे है, इसलिए वहां भारत से पहले नया साल आ जाता है। किरिबाती के ठीक एक घंटे बाद न्यूजीलैंड में भी नया साल दस्तक देता है। न्यूजीलैंड भारत से लगभग 7 घंटे 30 मिनट आगे है। इसके विपरीत, अमेरिका में भारत से करीब 9 घंटे बाद नया साल मनाया जाता है।
टाइम जोन के कारण दुनिया के 29 देश भारत से पहले नए साल का स्वागत करते हैं। टाइम जोन धरती को समय के आधार पर बांटने की व्यवस्था है। पृथ्वी 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है, यानी हर घंटे में 15 डिग्री। इसी आधार पर पूरी दुनिया को 24 टाइम जोन में बांटा गया है। हर टाइम जोन के बीच लगभग एक घंटे का अंतर होता है। घड़ी का आविष्कार 16वीं सदी में हुआ, लेकिन पहले समय सूरज की स्थिति से तय किया जाता था। जब रेल यात्रा शुरू हुई और लोग तेजी से एक जगह से दूसरी जगह जाने लगे, तब अलग-अलग लोकल टाइम के कारण भारी भ्रम पैदा हुआ। इसी समस्या के समाधान के लिए मानक टाइम जोन प्रणाली लागू की गई। GMT (ग्रीनविच मीन टाइम) को दुनिया के समय का आधार माना गया, जिससे वैश्विक समय निर्धारण आसान हो गया। नया साल हर देश में रात 12 बजे आता है। जो देश जितना पूर्व में है, वहां उतना पहले नया साल आता है। इस तरह नया साल किरिबाती से शुरू होकर अमेरिका तक पहुंचने में लगभग 26 घंटे का समय लेता है।