कोलकाता (09 मई 26)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। शुभेंदु अधिकारी ने बंगला भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कोलकाता पहुंचे हैं। इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी के साथ मंच पर रबींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर के सामने पुष्प अर्पित किए। शुभेंदु अधिकारी के बाद दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू , अशोक कीर्तनिया और निसिथ प्रामाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के गवाह बनने के लिए कई दिग्गज हस्तियां पहुंची। इस बीच एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और सुनेत्रा पवार भी पहुंचे हैं। इसके अलावा, मंच पर स्मृति ईरानी, शिवराज सिंह चौहान, चिराग पासवान, मिथुन चक्रवर्ती भी शपत समारोह में मौजुद है। निशिथ प्रमाणिक (माथाभंगा): टीएमसी से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले निशिथ 2019 में बीजेपी में आए थे। कूचबिहार के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री निशिथ को उत्तर बंगाल में बीजेपी की मजबूती का इनाम मिला है। दिलीप घोष (खड़गपुर सदर): बंगाल में बीजेपी के आधार स्तंभ माने जाने वाले दिलीप घोष ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने पीएम मोदी और वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लिया। अग्निमित्रा पॉल (आसनसोल दक्षिण): मशहूर फैशन डिजाइनर से फायरब्रांड नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल को महिला सशक्तिकरण के चेहरे के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया है।खुदीराम टुडू (रानीबांध): पहली बार विधायक बने खुदीराम पेशे से शिक्षक हैं और बीजेपी का प्रमुख आदिवासी चेहरा हैं। उनकी नियुक्ति को जंगलमहल क्षेत्र के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है। अशोक कीर्तनिया (बनगांव उत्तर): मतुआ समुदाय के बीच गहरी पैठ रखने वाले अशोक कीर्तनिया लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। उन्हें मतुआ समाज के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का फल मिला है।
नई सरकार के शपथ लेते ही बंगाल में विकास कार्यों को गति देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने उन सभी प्रोजेक्ट्स की लिस्ट मांगी है जो पिछले 12 सालों से ममता बनर्जी सरकार के समय लंबित या अटके हुए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इन रुकी हुई योजनाओं को ट्रैक पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मकसद यह है कि केंद्र की योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द बंगाल की जनता तक पहुंचे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। राज्य में पिछले 15 सालों से काबिज ममता बनर्जी की टीएमसी (TMC) सरकार का अंत हो गया है और भारतीय जनता पार्टी ने दो-तिहाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।