Wednesday, 30 Sep 2026

पहली बार कश्मीर घाटी पहुंची मालगाड़ी

नईदिल्ली (10 अगस्त 25)। शनिवार को भारतीय रेलवे ने इतिहास रचते हुए पहली बार एक मालगाड़ी को कश्मीर घाटी तक पहुंचा दिया। यह मालगाड़ी पंजाब के रूपनगर से सीमेंट लेकर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के गुड्स शेड तक पहुंची। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ कश्मीर अब सीधे देश के राष्ट्रीय माल परिवहन नेटवर्क से जुड़ गया है।

इस पहली मालगाड़ी में 21 बीसीएन वैगनों में सीमेंट लदा हुआ था, जो लगभग 600 किलोमीटर की दूरी तय कर 18 घंटे से भी कम समय में अनंतनाग पहुंची। इस सीमेंट का इस्तेमाल घाटी में सड़क, पुल, भवन निर्माण और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं में किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ऐतिहासिक पल का वीडियो ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा कि यह कश्मीर के लिए खर्च में बचत और सुविधा बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि रेलवे के माध्यम से सामान की ढुलाई सस्ती होती है, जिससे घाटी के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अश्विनी वैष्णव ने ये भी लिखा कि 'अब कश्मीर रेलवे माल ढुलाई नेटवर्क से जुड़ गया है। इससे घाटी के लोगों को कम लागत पर सामान मिलेगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।'

इस मालगाड़ी की योजना 7 अगस्त 2025 की रात 11:14 बजे इंडेंट भेजने के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद 8 अगस्त को सुबह 9:40 बजे रेक की व्यवस्था की गई। उसी शाम 6:10 बजे लदान पूरा हुआ और 6:55 बजे यह ट्रेन गुजरात अंबुजा सीमेंट लिमिटेड, रूपनगर से रवाना हुई। इस मालगाड़ी को आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजन WAG-9 लोकोमोटिव (लोको संख्या 32177) ने खींचा। कश्मीर घाटी में मालगाड़ी की यह पहली आवाजाही सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि आर्थिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे जहां बिल्डिंग मैटेरियल, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान अब घाटी तक सस्ते में पहुंच सकेंगे, वहीं लॉजिस्टिक सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।

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