इस्लामाबाद (09 जुलाई 25)। पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ा सत्ता परिवर्तन होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, और उनकी जगह देश के शक्तिशाली सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को नया राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। साथ ही प्रधानमंत्री पद के लिए बिलावल भुट्टो जरदारी का नाम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में संसदीय प्रणाली को बदलकर राष्ट्रपति प्रणाली लागू करने की तैयारी भी चल रही है।
जरदारी की गिरती सेहत को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द पद छोड़ सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने शर्त रखी है कि यदि उनके बेटे बिलावल भुट्टो को कोई अहम पद दिया जाए, तो वे पद छोड़ने को तैयार हैं। पीपीपी की हालिया बैठकों में कई वरिष्ठ नेताओं ने बिलावल को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग की है। फील्ड मार्शल असीम मुनीर को हाल ही में पाकिस्तान के सैन्य इतिहास का सबसे उच्च दर्जा प्राप्त हुआ है। अब तक यह सम्मान सिर्फ अयूब खान को मिला था। इस पद के साथ उन्हें आजीवन सैन्य विशेषाधिकार, कानूनी संरक्षण और असंवैधानिक दखल से सुरक्षा मिलती है। माना जा रहा है कि वह राष्ट्रपति पद संभालने के बाद प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम बदलने की योजना पर काम करेंगे।
मौजूदा पीएम शहबाज शरीफ और उनकी पार्टी पीएमएल-एन इस संभावित सियासी बदलाव का विरोध कर रहे हैं। डर है कि राष्ट्रपति प्रणाली लागू होते ही न सिर्फ शहबाज की कुर्सी जाएगी, बल्कि शरीफ परिवार की सियासी पकड़ भी कमजोर हो जाएगी। खबर है कि पीएमएल-एन अब आर्मी के अन्य धड़ों से संपर्क में है, ताकि बिलावल और मुनीर के गठजोड़ को रोका जा सके। विश्लेषकों के अनुसार, मुनीर चाहते हैं कि संसद, न्यायपालिका और मीडिया पर उनका पूरा नियंत्रण हो। उनकी हालिया अंतरराष्ट्रीय यात्राओं (वॉशिंगटन, बीजिंग, रियाद) को पाकिस्तानी स्थिरता का प्रतिनिधि कहा जा रहा है।
आशंका है कि मुनीर संविधान में संशोधन करके राष्ट्रपति प्रणाली लागू कर सकते हैं और यह ‘जनरल जिया-उल-हक’ के 1977 के तख्तापलट जैसा ‘सॉफ्ट कूप’ साबित हो सकता है। पाकिस्तान के इतिहास में सेना प्रमुखों का राष्ट्रपति बनना कोई नई बात नहीं है। अब तक तीन आर्मी जनरल तख्तापलट के जरिए देश की सत्ता संभाल चुके हैं।