नईदिल्ली (17 मार्च 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और पॉडकास्ट होस्ट लेक्स फ्रिडमैन को दिए इंटरव्यू में गोधरा कांड और 2002 के दंगों को लेकर खुलकर बात की। चर्चा में पीएम मोदी का पाकिस्तान पर तीखा हमला। मोदी ने कहा कि आतंकवाद की जड़ें अब दुनिया से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस पर हुआ हमला 'अकल्पनीय त्रासदी' थी और इसके बाद हुए दंगे सभी के लिए दुखद थे। पीएम मोदी ने बताया कि धारणा के विपरीत, 2002 के दंगे गुजरात के सबसे बड़े दंगे नहीं थे। उन्होंने कहा कि गुजरात में 2002 से पहले 250 से अधिक दंगे हो चुके थे और तब सांप्रदायिक हिंसा आम बात थी। लेकिन 2002 के बाद से गुजरात में एक भी दंगा नहीं हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि गोधरा कांड को लेकर झूठी कहानियां फैलाई गईं। उन्होंने कंधार अपहरण, संसद पर हमला और 9/11 हमले जैसी घटनाओं को याद करते हुए बताया कि उस समय हालात पहले से ही तनावपूर्ण थे और इसी दौरान गोधरा कांड हुआ। इससे हिंसा भड़की, लेकिन न्यायपालिका ने निष्पक्ष जांच कर सभी मामलों की सच्चाई सामने लाई। पीएम मोदी ने बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब वे सरकारी कामकाज के अनुभव से बिल्कुल नए थे। भुज भूकंप के बाद पुनर्वास की चुनौती भी उनके सामने थी। उन्होंने बताया कि गोधरा कांड के समय उन्हें मुख्यमंत्री बने हुए सिर्फ़ 3 दिन ही हुए थे। पीएम मोदी ने कहा कि 2002 के दंगों की निष्पक्ष जांच हुई और अदालतों ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष करार दिया। उनके राजनीतिक विरोधियों ने उन पर आरोप लगाने की पूरी कोशिश की, लेकिन न्यायपालिका ने स्थिति का दो बार विश्लेषण किया और सच को सामने रखा।