वॉरसॉ (18 जून 26)। पोलैंड में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक माने जाने वाले रूसी कलाकार और कार्यकर्ता रॉबर्ट कुज़ोवकोव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पोलैंड की पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है और अधिकारियों को आशंका है कि इसके पीछे किसी विदेशी खुफिया एजेंसी की भूमिका हो सकती है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब पोलैंड और अन्य NATO देशों में रूस पर तोड़फोड़, जासूसी और विरोधियों को निशाना बनाने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 44 वर्षीय रॉबर्ट कुजोवकोव की हत्या पूर्वी पोलैंड के Biala Podlaska शहर में उनके घर के पास की गई।
अभियोजकों के मुताबिक हमलावर ने पहले दो गोलियां चलाईं और फिर नजदीक जाकर तीन और गोलियां दाग दीं। सिर, सीने और पीठ में गोली लगने से कुजोवकोव की मौके पर ही मौत हो गई। पोलैंड के गृह मंत्री मार्किन किएरविंस्की ने बताया कि पुलिस ने 36 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके पास Georgia का पासपोर्ट था। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध के संगठित अपराध गिरोहों से संबंध होने की आशंका है और उसका नाम 2022 से पोलैंड में हुई अन्य आपराधिक घटनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।पोलैंड के सुरक्षा मामलों के मंत्री टोमाज़ सिएमोनियाक ने कहा कि जांच एजेंसियां इस संभावना को गंभीरता से देख रही हैं कि हत्या में किसी विदेशी खुफिया एजेंसी की भूमिका हो सकती है। उनका कहना है कि अतीत में भी विदेशी खुफिया एजेंसियां अपने अभियानों को अंजाम देने के लिए अपराधियों का इस्तेमाल करती रही हैं। इसलिए इस मामले की हर दिशा से जांच की जा रही है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस घटना को संभावित राजनीतिक हत्या करार दिया है। टस्क ने कहा कि शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह एक राजनीतिक हत्या हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में रूस की संलिप्तता सामने आती है, तो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद गंभीर मामला माना जाएगा। रॉबर्ट कुजोवकोव अपने चित्रों और कलाकृतियों के जरिए रूसी सरकार की आलोचना करते थे। उन्होंने पुतिन, चेचन नेता Ramzan Kadyrov और अन्य रूसी अधिकारियों के विवादास्पद चित्र बनाए थे।उनकी चर्चित कलाकृतियों में एक चित्र ऐसा भी था जिसमें पुतिन को सोवियत तानाशाह Joseph Stalin की गोद में दिखाया गया था।हत्या से एक दिन पहले उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह Berlin में रूसी झंडे को कूड़ेदान में फेंकते हुए दिखाई दिए थे।