रायपुर (03 जनवरी 26)। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राज्य में कथित मल्टी-करोड़ शराब घोटाले के सिलसिले में जमानत दे दी। प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज मामलों में राहत दी गई है। ED ने राज्य के शराब व्यापार में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। मार्च में, एजेंसी ने छत्तीसगढ़ में 14 जगहों पर तलाशी के दौरान भूपेश बघेल और उनके बेटे के घर से 30 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। वहीं पूर्व सीएम ने इसे सत्य की जीत बताया है।
ED का दावा है कि चैतन्य बघेल शराब घोटाले से 'अपराध की कमाई पाने वाले' थे, जिसमें कथित तौर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 2,161 करोड़ रुपये का गबन किया गया था। ED ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एक फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट की जांच शुरू की। पुलिस जांच में पता चला है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध की कमाई के रूप में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक उत्पन्न हुए, जिससे अनुसूचित अपराधों के माध्यम से लाभार्थियों को फायदा हुआ। इससे पहले 19 दिसंबर को, प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था।