नईदिल्ली (04 मार्च 26)। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनव आयोग ने निगरानी व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब राज्य के हर पोलिंग बूथ के अंदर और बाहर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी, जबरन प्रवेश या धांधली को तुरंत रिकॉर्ड किया जा सके और मौके पर कार्रवाई हो। यह निर्णय कोलकाता में उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में जिला प्रशासन, विशेष पर्यवेक्षक और आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पहले से कई बूथों पर वेबकास्टिंग और कैमरों की व्यवस्था थी, लेकिन अब बूथ परिसर और आसपास के क्षेत्र को भी पूरी तरह निगरानी दायरे में लाया जाएगा। आयोग का कहना है कि इस कदम से संवेदनशील इलाकों में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा। डबल CCTV कवरेज: बूथ के अंदर और बाहर दोनों जगह कैमरे। तुरंत कार्रवाई: धांधली, जबरदस्ती घुसपैठ या अव्यवस्था पर फौरन एक्शन। बाहरी निगरानी: बूथ के बाहर की मॉनिटरिंग विशेष पर्यवेक्षकों को सौंपी जाएगी। केंद्रीय बलों के लिए सख्ती: किसी प्रकार का आतिथ्य या सुविधा स्वीकार करने पर रोक। अतिरिक्त न्यायिक अधिकारी: 6 मार्च से 200 अतिरिक्त न्यायिक अधिकारी तैनात। बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा: पानी, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश।
सूत्रों के मुताबिक चुनाव के मद्देनजर 480 कंपनियां केंद्रीय सुरक्षा बलों की दो चरणों में तैनात की जा रही हैं। राज्य के सभी बूथों को संवेदनशील मानकर सुरक्षा रणनीति तैयार की गई है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई 2026 के बीच कराए जाने की संभावना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जाएगा।