सीहोर (20 जनवरी 26)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा ही बदलाव की सशक्त बुनियाद है। शिक्षा के माध्यम से ही परिवार, समाज और देश के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश का प्रत्येक बच्चा- चाहे वह बालक हो या बालिका, सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलना चाहिए। शिक्षित बच्चे ही एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र की नींव रखते हैं। राज्यपाल ने ये विचार मंगलवार को सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा में आयोजित जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में व्यक्त किए। राज्यपाल पटेल का परंपरागत जनजातीय रीति-रिवाजों एवं लोक परंपराओं के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया गया। सम्मेलन में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
राज्यपाल पटेल ने जनजातीय समुदाय के नागरिकों से आह्वान किया कि शिक्षा के साथ-साथ हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़ना होगा। स्वामी विवेकानंद के प्रेरक कथन 'उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' का उल्लेख करते हुए राज्यपाल पटेल ने सभी से सतत प्रयास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का भी आह्वान किया। राज्यपाल ने नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से खोखला कर देता है तथा देश के विकास में भी बाधक बनता है। उन्होंने नागरिकों से नशा त्याग कर स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की। राज्यपाल ने जनजातीय समुदाय के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए बताया कि गुजरात के एकता नगर में भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने का प्रयास है। इससे जनजातीय समुदाय को शासन की योजनाओं और सेवाओं से जोड़कर सशक्त बनाया जा रहा है।