इंदौर (25 जनवरी 26)। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से बुजुर्ग बद्री प्रसाद की मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। शनिवार को परिजन और स्थानीय लोगों ने भागीरथपुरा पुल के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान स्थानीय भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई नेता पहुंच गए। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। दरअसल, प्रशासन इस मौत की वजह को दूषित पानी से हुई मौत मानने को तैयार नहीं था। उसने इस मौत की वजह दूसरी गंभीर बीमारी बताई, जबकि अस्पताल में भर्ती डायरिया की वजह से ही किया गया था। हालांकि एसडीएम के मुआवजे के आश्वासन के बाद परिजन ने अंतिम संस्कार किया।
शुक्रवार को बद्री प्रसाद की मौत हो गई थी। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाना था। परिजन शवयात्रा लेकर निकले और इसके बाद पुल के यहां पर शव को नीचे रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन का आरोप है कि बद्री प्रसाद की मौत को एक दिन बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिवार का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और अंतिम संस्कार तक के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं, इसके बावजूद प्रशासन ने कोई मदद नहीं की। परिवार के अनुसार बद्रीप्रसाद पूरी तरह स्वस्थ्य थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। परिजन ने इसे दूषित पानी से जोड़ते हुए कहा कि प्रशासन जान-बूझकर मौत के कारणों को नकार रहा है। बद्रीप्रसाद के बेटे शैलेंद्र ने बताया कि दो माह पहले उनकी पत्नी कंचन की भी मौत हो चुकी है। उस समय भी इलाके में दूषित पानी की समस्या बनी हुई थी और परिवार का आरोप है कि कंचन की मौत भी इसी कारण हुई थी, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे, पार्षद राजू भदौरिया, दीपू यादव सहित कांग्रेस के कई नेता पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ वहीं बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की। करीब डेढ़ घंटे तक चले चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। कुछ देर बाद एसडीएम निधि वर्मा, एसीपी विनोद दीक्षित सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजन से चर्चा की।
एसडीएम निधि वर्मा ने परिजन को आश्वासन दिया कि क्षेत्र में शीघ्र स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाएगी, साथ ही बद्री प्रसाद और उनकी बहू कंचन की मौत के मामले में सीएमएचओ से विस्तृत रिपोर्ट लेकर शासन स्तर पर आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि प्रशासन अब इस मामले को दबाने में लगा है। मौत के आंकड़े को कम करने के लिए अब गरीबों की मौत की वजह को छिपाया जा रहा है। हम पहुंचे तो प्रशासन हरकत में आया और पीड़ित के परिवार को सहायता राशि दी गई।