रांची (04 नवंबर 24)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को घोषणा की कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड में सत्ता में आई तो राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी, लेकिन जनजातीय समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। शाह ने झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र- ‘संकल्प पत्र' जारी करते हुए घोषणा की कि राज्य में उद्योगों और खदानों के कारण विस्थापित हुए लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए विस्थापन आयोग का गठन किया जाएगा। शाह ने रांची में कहा, ‘हमारी सरकार झारखंड में समान नागरिक संहिता लागू करेगी, लेकिन जनजातीय समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा।'
अमित शाह ने कहा कि (राज्य में) झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) सरकार इस झूठ का प्रचार कर रही है कि समान नागरिक संहिता से आदिवासियों के अधिकार के अलावा उनकी संस्कृति प्रभावित होगी। यह पूरी तरह निराधार है, क्योंकि उन्हें इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनजातीय समुदाय के अधिकारों पर कोई असर न पड़े। उन्होंने कहा, ‘यदि भाजपा झारखंड में सत्ता में आती है तो वह ‘सरना धर्म कोड' के मुद्दे पर विचार-विमर्श करेगी और उचित निर्णय लेगी। झारखंड में उद्योगों और खदानों के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए विस्थापन आयोग का गठन किया जाएगा।' शाह ने कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो झारखंड में 2.87 लाख सरकारी नौकरियों सहित रोजगार के पांच लाख अवसर पैदा किए जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा झारखंड में घुसपैठियों से जमीन वापस लेने और अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित करने के लिए कानून लाएगी। उन्होंने दावा किया कि अवैध प्रवासियों से ‘माटी, बेटी, रोटी' को खतरा है और भाजपा स्थानीय लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगी। शाह ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन पश्चिम बंगाल और झारखंड में घुसपैठ को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालेगी। शाह ने कहा, ‘भ्रष्ट और असंवेदनशील हेमंत सोरेन सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इस अवधि के दौरान बलात्कार के मामलों में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई।' उन्होंने झामुमो नीत सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और दावा किया कि राज्य में जनजातीय आबादी घट रही है और जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है।