इस्लामाबाद (17 सितंबर 25)। पाकिस्तान ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम का प्रस्ताव अमेरिका के जरिए आया था, लेकिन भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया। यह खुलासा पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने किया।
इशाक डार ने एक कार्यकर्म के दौरान यह खुसासा किया कि जब पाकिस्तान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता के दावे पर सवाल किया, तो रुबियो ने साफ कहा कि भारत हमेशा यह मुद्दा द्विपक्षीय मानता है और किसी तीसरे पक्ष को शामिल करने के लिए तैयार नहीं होता। उन्होंने कहा कि 10 मई को सुबह 8:17 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही भारत और पाकिस्तान के बीच एक स्वतंत्र स्थान पर बातचीत होगी। लेकिन 25 जुलाई को वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान रुबियो ने बताया कि भारत ने तीसरे पक्ष की भूमिका से साफ इंकार कर दिया है। डार ने कहा, 'पाकिस्तान को तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से कोई समस्या नहीं है, लेकिन भारत बार-बार कहता है कि यह सिर्फ द्विपक्षीय मामला है। जब सीज़फायर का प्रस्ताव रुबियो के जरिए आया था, तो हमें भरोसा दिया गया था कि बातचीत होगी। लेकिन बाद में बताया गया कि भारत ने इसे मानने से इनकार कर दिया।'