Thursday, 08 Oct 2026

भारत ने निभाया मानव धर्म! पाक को तबाही से बचाया

नईदिल्ली (27 अगस्त 25)। भारत ने सिंधु जल समझौता रद्द करने के बावजूद मानवीय आधार पर पाकिस्तान को संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क किया है। यह सूचना जम्मू-कश्मीर में तवी नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद दी गई है, जिससे पाकिस्तान के कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता था। यह पहला मौका है जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच औपचारिक संवाद हुआ है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को सीधे यह अलर्ट भेजा।

साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच ‘सिंधु जल संधि’ हुई थी, जिसकी निगरानी विश्व बैंक करता है। इस समझौते के तहत भारत को हर साल पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली से जुड़ा जल डेटा साझा करना होता था। लेकिन अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने यह समझौता रद्द कर दिया। भारत ने कहा कि जब पाकिस्तान सीमा पार से आतंक को समर्थन दे रहा है, तो ऐसे में किसी भी समझौते का कोई मतलब नहीं रह जाता।

जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश हो रही है। इसके चलते तवी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। कुछ निचले इलाकों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, भारत ने भले ही समझौता खत्म कर दिया हो, लेकिन पड़ोसी देश को आपदा से आगाह करना अपना मानवीय कर्तव्य समझा। मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया था। इसके बाद द्विपक्षीय बातचीत और कूटनीतिक रिश्ते लगभग ठप हो गए थे। लेकिन इस बार भारत ने पारंपरिक राजनीतिक रुख से हटकर, बाढ़ के खतरे को देखते हुए पाक को आगाह किया, यह कूटनीतिक दृष्टि से एक सकारात्मक पहल है।


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