वाशिंगटन (16 जून 25)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि जल्द ही इजराइल और ईरान के बीच भी शांति समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने अपने कार्यकाल में भारत-पाकिस्तान, सर्बिया-कोसोवो और मिस्र-इथियोपिया के विवादों में हस्तक्षेप कर युद्ध टाल दिए थे, वैसे ही अब मध्य पूर्व में भी वह 'शांति धमाका' करने जा रहे हैं ।
ट्रंप ने कहा कि जब वह राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु हथियार संपन्न देशों के बीच तनाव को व्यापारिक कूटनीति के ज़रिये शांत किया। उनके मुताबिक, अमेरिका के साथ व्यापार की संभावना ने दोनों देशों को बातचीत के लिए मजबूर किया और दोनों 'शानदार नेताओं' ने मिलकर युद्ध की आशंका को समाप्त किया। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल की एक और उपलब्धि गिनाते हुए कहा, 'सर्बिया और कोसोवो दशकों से झगड़ रहे थे, और जब स्थिति युद्ध के कगार पर थी, तब मैंने हस्तक्षेप कर उन्हें रोक दिया।' ट्रंप ने दावा किया कि जो स्थायी शांति उन्होंने बनाई थी, उसे जो बाइडन प्रशासन ने 'बेवकूफी भरे निर्णयों' से नुकसान पहुंचाया है, 'लेकिन मैं उसे फिर से ठीक करूंगा।' मिस्र और इथियोपिया के बीच नील नदी और उस पर बने बड़े बांध को लेकर उपजे विवाद का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप से ही इस क्षेत्र में अभी तक शांति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि यह शांति लंबे समय तक बनी रहे।
ट्रंप ने विश्वास जताया कि जल्द ही ईरान और इजराइल के बीच भी शांति बहाल होगी। उन्होंने कहा, इस दिशा में लगातार बैठकें और बातचीत हो रही है। मैं बहुत कुछ करता हूं लेकिन मुझे कोई श्रेय नहीं देता-कोई बात नहीं, जनता सब समझती है।' ट्रंप ने अपनी पोस्ट के अंत में एक बार फिर जोर देकर कहा, 'मैं मिडिल ईस्ट को फिर से महान बनाऊंगा!'