इंदौर (28 दिसंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच का संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संत परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और समाज सुधार की साझी विरासत से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर में महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के शताब्दी वर्ष समारोह को इंदौर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्था के 100 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित इस संस्था ने आजादी से पहले और बाद में शिक्षा के क्षेत्र में महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों के आधार पर बाजीराव पेशवा, शिंदे, होलकर और गायकवाड़ राजवंशों ने मध्यप्रदेश के विकास और संस्कृति के संरक्षण में अहम योगदान दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि अब केवल इतिहास पर गर्व करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के लिए नई पीढ़ी को तैयार करना होगा। फडणवीस ने कहा कि यदि महाराष्ट्र शिक्षण मंडल जबलपुर में मराठी भाषा सिखाने के लिए कोई नया उपक्रम या कोर्स शुरू करता है, तो महाराष्ट्र सरकार उसके लिए आवश्यक निधि और पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा, यहां तक कि मेडिकल और इंजीनियरिंग में भी मातृभाषा को प्राथमिकता दी गई है।