Monday, 05 Oct 2026

मानवता की सेवा और अहिंसा से सभी को कराया अवगत: मोदी

नईदिल्ली (28 जून 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत अपने ऋषि-महात्माओं और संतों के अमर विचारों व दर्शन के कारण विश्व की सबसे प्राचीन और जीवंत सभ्यता है। उन्होंने जैन आध्यात्मिक गुरु आचार्य विद्यानंद महाराज के जन्मशताब्दी समारोह में उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके समाज के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं आचार्य विद्यानंद के विचारों से प्रेरित हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो, जल जीवन मिशन हो या आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाएं, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ये योजनाएं हर व्यक्ति तक पहुंचें ताकि कोई भी इससे वंचित न रहे। उन्होंने अपने संबोधन में एक जैन संत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रशंसा का भी उल्लेख किया। भारत में सेवा और मानवता की भावना पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां सेवा और मानवता की भावना हमेशा से केंद्रीय रही है। उन्होंने बताया कि जब दुनिया हिंसा का जवाब हिंसा से देती थी, तब भारत ने अहिंसा के मार्ग को अपनाया और मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सेवा का यह तरीका स्वार्थ से परे और निःस्वार्थ होता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार इसी सेवा की भावना से प्रेरित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो, जल जीवन मिशन हो या आयुष्मान भारत, ये सभी योजनाएं समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक सेवा की भावना को दर्शाती हैं। मोदी ने सभी से एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि यही आचार्य विद्यानंद महाराज जी की प्रेरणा है और हमारा संकल्प भी। यह कार्यक्रम विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था, जिसका आयोजन संस्कृति मंत्रालय ने भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट, दिल्ली के सहयोग से किया। यह समारोह जैन धर्म के प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं, विद्वानों और समाज सुधारकों में से एक आचार्य विद्यानंद महाराज की 100वीं जयंती पर आयोजित किया गया।

Tags:

Follow us

This question is not available..!